Wednesday, September 25, 2013

नन्ही परी

मेरे घर आई एक नन्ही परी
ढेरों खुशियाँ लाई ये नन्ही परी

आने से इसके, कई नयी हलचल देखीं
झूझते इंसानों की आखों में नयी उम्मीदें देखीं

माँ की, न रूकती मुस्कान देखी
ख़ुशी का इज़हार करती बाबा कि अटकती ज़बान देखी

अपना हक़ गिनवाते एक शरारती बेहेन देखी
रिश्ते नातों कि गहराइयाँ भी देखी

और फिर देखा अपनी परछाई को
नयी ज़िम्मेदारी लेते, बदलते एक नारी को 

अब ज़िम्मेदारी के मायने फिर बदले हैं
अब ये दायरे और भी बड़े हैं

बस अब इस ख़ुशी को हमेशा संजोना है
जो भी करना है बस इसी के लिए करना है

क्योंकि, मेरे घर आई एक नन्ही परी
ढेरों खुशियाँ लाई ये नन्ही परी



0 comments:

Post a Comment