Sunday, May 13, 2012

मेरे नैना

मेरे नैना बस देखे हैं तुझे
एक कोना थामें बेसुध ताके हैं तुझे
सहमें से ये दो नैना बस चाहें हैं तुझे

चुप रहते कुछ न कहते बस मांगे हैं तुझे
डरे डरे ये नैना हर पल पीछे भागे हैं तेरे
तेरी एक झलक पे मरते, ये पागल नैना हैं मेरे

क्या समझाऊं इन्हें ये कुछ भी न जाने हैं
बस तुझसे मिलने कि एक ज़िद को पाले हैं
उस नमी से है यारी इनकी, जिससे खुद को ये ढांके हैं

मुझको परेशान कहाँ हैरान हैं करते
कि ये तुझको क्यों इतना चाहें हैं
दुनिया भूल, बस एक टक तुझको ही ताके हैं

चंद खुशी पे जीते, उन ग़मों को भूले मेरे नैना
तुझमें एक दुनिया देखे, बस तेरी ओर खिंचे मेरे नैना
केवल तेरी झलक को तरसें, तेरी ना से ना डरते मेरे नैना

जागे जागे ये मेरे नैना बिता दें पूरी रैना
कुछ ओर सोचे बिना बस सोचें हैं तुझे मेरे नैना
तू क्यों ना समझे तेरे अपने ही हैं ये दो नैना


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